गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
पेरियार: महिलाओं की आजादी का पक्षधर मसीहा
कॉ. कुंती देवी : जन-संघर्ष का पर्यायवाची नाम
दिमाग की सलाखों में कैद स्त्री
मर्दोत्सव और स्त्रीविलाप बीच होलिका का लोकमिथ
इस्लाम में हराम परिवार-नियोजन: एक मिथक
अमानवीय सौन्दर्यधारणाओं से मुक्ति श्रीदेवी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी!
‘विजय संकेत’ के रूप में स्त्री शरीर
तुलसीराम की बेटी ने लिखा राधादेवी को खत , एक शोधार्थी पर उठाई उंगली
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय