गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
स्त्रीत्व, देहबोध और आत्मानुभूति : सामाजिक निषेध से आध्यात्मिक स्वायत्तता तक
मुस्लिम महिला संरक्षण विधेयक
भारतीय उपमहाद्वीप का स्त्री लेखन: स्त्री सशक्तीकरण की अनुगूंजें(अंतिम किस्त)
भारतीय उपमहाद्वीप का स्त्री लेखन: स्त्री सशक्तीकरण की अनुगूंजें(दूसरी किस्त)
स्मृति जी कंडोम के विज्ञापन वल्गर तो डीयो के संस्कारी कैसे?
भारतीय उपमहाद्वीप का स्त्री लेखन: स्त्री सशक्तीकरण की अनुगूंजें
सामूहिक चेतना का ही प्रतिबिम्ब है स्त्रीविरोध का अनफेयर गेम
स्त्री के खिलाफ घर परिवार और विवाह संस्था को मजबूत करते सत्तावान: अरविंद जैन
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय