कहानी: टुकी मिसिर
जदयू में उतराधिकार : नीतीश मॉडल की नयी पटकथा
इमाम आयतुल्लाह ख़ामेनेई से नासिरा शर्मा का साक्षात्कार
महकार की महागाथा: लोकतंत्र का एक जीवित महाकाव्य है महकार
हम चार दशक पीछे चले गए हैं :
स्त्री विमर्श की पठनीय किताबें
जीना जिन्दगी को आत्मकथा के नजरिये से -अंतिम किश्त
‘सावित्री बाई फुले वैचारिकी सम्मान’
स्त्री-विरोधी लेखन दलित लेखन नहीं हो सकता
यौनिकता की विश्वसनीय दृश्यता: भाग 3
मंडल और महिला आरक्षण
बदलाव की बयार : जद्दोजहद अभी बाकी है
ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा