आजादी के आंदोलन में आम लोगों की हिस्सेदारी रेखांकित करना: नाटक
आवाज़
‘सोनिया और राजीव’ ‘मेलोनी और मोदी’
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद नहीं, लोकतान्त्रिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने की जरूरत है: अनिता भारती
और यह स्त्री -पक्षधर हिन्दी समाज है ( !)
सोनिया गांधी का नागरिकता प्रसंग : पितृसत्ता का राग-विराग
राजेंद्र यादव के अंतर्विरोध , हंस और दलित स्त्री अस्मिता के सवाल
महिलाएं असुरक्षित, यहां भी और वहां भी
सलाखें भीतर और बाहर
चाहे नरक में दीजो डार
स्त्री आत्मकथा : आत्माभिव्यक्ति और मुक्ति प्रश्न
दिल्ली में नाइजीरियन यौन- दासियाँ
स्त्री भागीदारी पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: उपलब्धियों के साथ नई चुनौतियों पर जोर