आजादी के आंदोलन में आम लोगों की हिस्सेदारी रेखांकित करना: नाटक
आवाज़
‘सोनिया और राजीव’ ‘मेलोनी और मोदी’
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद नहीं, लोकतान्त्रिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने की जरूरत है: अनिता भारती
दलित महिलाओं के संघर्ष की मशाल: मंजुला प्रदीप
क्या महिला नेतृत्व की खोज की मुहीम में आप हमारे साथ शामिल होंगे?
दीपा कर्माकर से पीवी सिंधु तक: विपरीत परिस्थितियों में खेल और जीत रही हैं लडकियां
ओलंपिक में स्त्रीकाल- कर्णम मल्लेश्वरी से लेकर साक्षी मलिक तक
सावित्रीबाई फुले वैच्रारिकी सम्मान के बाद लेखिका अनिता भारती का वक्तव्य
महिला आरक्षण, स्त्रीवाद पर बातचीत और सावित्रीबाई फुले वैचारिकी सम्मान समारोह
यू पी एस सी में स्त्रीकाल
समानित हुई ‘ महिषासुर की बेटी’ ( राष्ट्रपति ने दिया ‘नारी शक्ति सम्मान’)
स्त्री भागीदारी पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: उपलब्धियों के साथ नई चुनौतियों पर जोर