गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
भारतीय नवजागरण के स्त्री सरोकार की वैचारिकी
प्रभा खेतान के साहित्य में स्त्री जीवन का संघर्ष
प्रेम, विवाह और स्त्री
स्त्रीसत्ता, लोकायत दर्शन और क्रान्ति की गति
हिन्दी नवजागरण और स्त्री
सांस्कृतिक पिछड़ापन और हाशिये से उभरती कविता
खुदमुख्तार स्त्रियों का कथा -वितान: अन्हियारे तलछट में चमका
स्त्री अस्मिता आंदोलन इतिहास के कुछ पन्ने
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय