गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
‘डार्क रूम में बंद आदमी’ की निगाह में औरत : आखिरी क़िस्त
‘डार्क रूम में बंद आदमी’ की निगाह में औरत : पहली क़िस्त
महिलाएँ-जाति, वर्ग या एक उत्पीड़ित लिंग
जेंडर की अवधारणा और अन्या से अनन्या
स्त्री – संस्कृति का हरकारा : यू आर अनंतमूर्ती
स्त्री आत्मकथा : आत्माभिव्यक्ति और मुक्ति प्रश्न
यौनिकता की विश्वसनीय दृश्यता -भाग 2
यौनिकता की विश्वसनीय दृश्यता
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय