बाबू जगदेव प्रसाद की राजनीति: भाषा, प्रतीक और मुद्दे
शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम
फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
यौनिकता की विश्वसनीय दृश्यता
दाम्पत्य में ‘बलात्कार का लाइसेंस’ असंवैधानिक है
फैंसी स्त्रीवादी आयोजनों में जाति मुद्दों की उपेक्षा
मनुवादी न्याय का शीर्ष तंत्र
दिमाग पर निष्क्रिय होने की चोट उसे निष्क्रिय बनाकर ही छोड्ती है
पितृसत्तात्मक समाज का शिकार पुरुष तथा स्त्रीवादी मुक्ति अभियान
न्यायपालिका में मौजूद जातिवादी मानसिकता – अरविंद जैन