वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
आस्था का सम्मान
शर्म
स्त्री देह का मर्दवादी विमर्श
सुजाता पारमिता की दो लघु कथायें: अल्लादीन का चिराग और विक्रमादित्य का सिंहासन
सरस्वती मिश्रा की कवितायें
वेद का काल निर्धारण , एक नए परिप्रेक्ष्य में : दूसरी क़िस्त
वेद का काल निर्धारण , एक नए परिप्रेक्ष्य में : पहली क़िस्त
सरोज की डायरी के कुछ पन्ने
उषा प्रियंवदा की कहानियों में स्त्री-अस्मिता का प्रश्न
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’