वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
आस्था का सम्मान
घर/कहानी
धार्मिक औरतें या गुलाम औरतें ….!
उपभोक्तावादी आधुनिकता की आजादी के बीच स्त्री
मेरे पिता
मानवी से भोग्य वस्तु में तब्दील स्त्री अस्मिता का भौतिक सत्य – भारतीय और वैश्विक संदर्भों में
पितृसत्ता से आगे जहाँ और भी है
वेद निरर्थक ध्वनियां मात्र
जातिवादी जड़ताओं के बरक्स एक प्रेम कहानी : पीली छतरी वाली लडकी
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’