वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
आस्था का सम्मान
1990 के बाद का हिंदी समाज और अद्विज हिंदी लेखन
सुनंदा का दरवाजा
देखो-देखो ‘चमईया’ हमार सुतुही
औरतें – क़िस्त तीन ( स्पैनिश कहानियां )
नदिया के तीरे-तीरे
“चकरघिन्नी” : तीन तलाक़ का दु:स्वप्न
शिवमूर्ति की कहानियाँ :स्त्री प्रश्न
दुर्गी छिनार नहीं रही…
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’