शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम
फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
उपासना झा की कवितायें
सुधार नहीं पूर्ण बदलाव चाहेंगी महिलायें
स्तन कैंसर/ब्रेस्ट कैंसर: कवितायें विभा रानी की
स्वयं सिद्धा !
तुम्हें बदलना ही होगा: उपन्यास में विमर्श
जयभीम वाला दूल्हा चाहिए
स्त्रीविमर्श में जाति, वर्ग और धार्मिक पहचान की महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए : नमिता सिंह
पीड़ाजन्य अनुभव और डा आंबेडकर का स्त्रीवाद
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल