वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
आस्था का सम्मान
सुधार नहीं पूर्ण बदलाव चाहेंगी महिलायें
स्तन कैंसर/ब्रेस्ट कैंसर: कवितायें विभा रानी की
स्वयं सिद्धा !
तुम्हें बदलना ही होगा: उपन्यास में विमर्श
जयभीम वाला दूल्हा चाहिए
स्त्रीविमर्श में जाति, वर्ग और धार्मिक पहचान की महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए : नमिता सिंह
पीड़ाजन्य अनुभव और डा आंबेडकर का स्त्रीवाद
औरतें – क़िस्त चौथी ( स्पैनिश कहानियां )
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’