वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
आस्था का सम्मान
खुदमुख्तार स्त्रियों का कथा -वितान: अन्हियारे तलछट में चमका
स्त्री अस्मिता आंदोलन इतिहास के कुछ पन्ने
जैनेन्द्र की कहानियों में स्त्री-प्रश्न
थेरी गाथाओं में अभिव्यक्त मुक्तिकामी स्वर
तुम मेरे साथ रहो मेंरे कातिल मेरे दिलदार
सावित्री हमारी अगर माई न होती
नाम जोती था मगर वे ज्वालामुखी थे
अखिलेश्वर पांडेय की कविताएं
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’