नाच एक संवेदनशील उपन्यास
राहुल गांधी,कांग्रेस की परंपरा और INDIA गठबंधन का असहज भविष्य
भारतीय राजनीति के आधुनिक दधीचि हैं लालू प्रसाद!
ऑब्जेक्टिव प्रश्न से आत्मबोध तक : बाबासाहेब की खोज
डॉ0 रामविलास की आलोचना और स्त्री संदर्भ
सांस्कृतिक पिछड़ापन और हाशिये से उभरती कविता
खुदमुख्तार स्त्रियों का कथा -वितान: अन्हियारे तलछट में चमका
स्त्री अस्मिता आंदोलन इतिहास के कुछ पन्ने
जैनेन्द्र की कहानियों में स्त्री-प्रश्न
थेरी गाथाओं में अभिव्यक्त मुक्तिकामी स्वर
तुम मेरे साथ रहो मेंरे कातिल मेरे दिलदार
सावित्री हमारी अगर माई न होती
कवि कभी मरता नहीं, वह अपनी रचनाओं में जीवित रहता है