वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
आस्था का सम्मान
छन्ने की लौंडिया गुनगुनाती है
हिन्दी नवजागरण और स्त्री
हमारे समय के अंधेरे में
अपना कमरा : सार्थकता का एहसास
कर्मानन्द आर्य की कवितायें: अगली पीढ़ी की लड़की और अन्य
विकल सिंह की कवितायें
डॉ0 रामविलास की आलोचना और स्त्री संदर्भ
सांस्कृतिक पिछड़ापन और हाशिये से उभरती कविता
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’