वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
आस्था का सम्मान
कविता की प्रकृति ही है समय से आगे चलना
आबिदा (परिमला अम्बेकर की कहानी)
आम्रपाली ( रेनू यादव की कविताएं)
मध्यवर्गीय कामकाजी स्त्रियों के कशमकश भरी जिंदगी की कविताएं !
आज का स्त्रीलेखन सहज और ज्यादा आत्मविश्वासी है
वर्जिन : जयप्रकाश कर्दम की कहानी (आख़िरी क़िस्त)
मेरी माँ मेरा आदर्श..!
वर्जिन : जयप्रकाश कर्दम की कहानी (पहली क़िस्त)
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’