ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा
होना चाहती हूं मूक इतिहास की बोली: बापू टावर (पटना) में मुखरित हुआ स्त्री स्वर
हंस ब्राह्मणवाद के यम ही नहीं,डाइवर्सिटी आंदोलन के स्तम्भ भी रहे!
“धरती भर आकाश” में स्त्री शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतिरोध
अपने ही घर में खतरों से घिरी बेटियां
कार्बाइड का कलंक : औरतों की आपबीतियां
कार्बाइड का कलंक
स्त्री -पुरुष समानता के अग्रदूत डा.आम्बेडकर
महज मुद्दा
बिहार के भागलपुर में बलात्कार की कोशिश : जेंडर और जाति के समुच्चय का घिनौना चेहरा
रक्त शुद्धता, स्त्री दासता और लव जेहाद
कम से कम एक दरवाज़ा
स्त्री सुन्दरता के नये पैमाने : आत्ममुग्धता से आत्मकुंठा तक