शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम
फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
भवसागर के उस पार मिलना पियारे हरिचंद ज्यू
स्त्रीकाल शोध जर्नल (32)
स्त्रीकाल का नया अंक ऑनलाइन पढ़ें या घर मँगवायें
अम्बेडकर की प्रासंगिकता के समकालीन बयान
स्त्रीकाल शोध जर्नल अंक (31)
ललदेद के वाखों में आत्मानुभूति, देह और ज्ञान की लोकमीमांसा : कश्मीरी शैव दर्शन, स्त्री-अनुभव और सांस्कृतिक चेतना का सैद्धांतिक पुनर्पाठ
स्त्रीकाल शोध पत्रिका अंक (30)
स्त्रीकाल शोध पत्रिका अंक (28-29)
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल