गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
क्या आप नेमरा गए ?
दिशोम गुरु को नेमरा में यूं मिली अंतिम विदाई! नेमरा से लौटकर
‘फेंकने दो उन्हें गोबर’: फुले दम्पति की संघर्ष गाथा
अतिपिछड़ों के नेतृत्व में हो सामाजिक न्याय
वर्तमान के दो अंतहीन युद्ध
भारत की हॉकी चैंपियन और युवा आइकन सलीमा टेटे के गांव में बुनियादी सुविधा भी नहीं
क्या गाँधी का नाम, लोकप्रियता और प्रतिष्ठा “गाँधी” फिल्म की मोहताज है ?
उत्तराखंड समान नागरिक संहिता पर महिलाओं की आपत्तियां
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय