गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
महिला आरक्षण : मार्ग और मुश्किलें
स्त्रीवादी क़ानूनविद ( वकील साहब ) का ट्रायल
नाबालिग पत्नी से, बलात्कार का कानूनी अधिकार (हथियार): अरविंद जैन
वेश्यावृत्ति को कानूनी बनाना समस्या का समाधान नहीं : महिला संगठन
शादी का झूठा आश्वासन यौन शोषण
महिला मताधिकार पर बहस : सन्दर्भ बिहार विधान परिषद ( १९२१ , १९२५, १९२९ )
धारा 304 IPC के बहाने एक चर्चा : एक विचार यह भी
यौन शोषण के आरोपों से घिरी न्यायपालिका
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय