आजादी के आंदोलन में आम लोगों की हिस्सेदारी रेखांकित करना: नाटक
आवाज़
‘सोनिया और राजीव’ ‘मेलोनी और मोदी’
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद नहीं, लोकतान्त्रिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने की जरूरत है: अनिता भारती
उम्र भर इक मुलाक़ात चली जाती है
ब्राह्मणवाद ने की बाजीराव-मस्तानी की हत्या
ताकि बोलें वे भी, जो हैं सदियों से चुप
परिवर्तनगामी चेतनाकी संवाहक प्रस्तुति… ‘सपने हर किसी को नहीं आते’
भिखारी की विरासत की गायिका
रंग रेखाओं में ढली कविता
मंच पर स्त्री
ओमप्रकाश कुशवाहा के कुछ कार्टून
स्त्री भागीदारी पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: उपलब्धियों के साथ नई चुनौतियों पर जोर