कहानी: टुकी मिसिर
जदयू में उतराधिकार : नीतीश मॉडल की नयी पटकथा
इमाम आयतुल्लाह ख़ामेनेई से नासिरा शर्मा का साक्षात्कार
महकार की महागाथा: लोकतंत्र का एक जीवित महाकाव्य है महकार
*‘मिस टनकपुर हाजिर हो’ : यथार्थवादी कॉमेडी
स्त्रियों ने रंगमंच की भाषा और प्रस्तुति को बदला: त्रिपुरारी शर्मा
‘निल बट्टे सन्नाटा’ और घरेलू कामगार महिलायें
बलात्कार पर नजरिया और सलमान खान
फैंड्री : एक पत्थर जो हमारे सवर्ण जातिवादी दिलों में धंस गया है
प्रेम अब भी एक सम्भावना है, ‘सैराट’
‘महिषासुर और दुर्गा’ प्रसंग: लोकशायर संभाजी से बातचीत
नादिया अली का सेक्सुअल क्रूसेड
ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा