पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन
“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
जायसी और पद्माकर की नायिकाओं के व्यक्तित्व के सामाजिक पक्ष का तुलनात्मक अध्ययन:अंतिम क़िस्त
बहन भी तो मेट्रो ले रही होगी इस वक्त
गरीबी जिसके लिए बाधा नहीं : किरण ठाकरे
जायसी और पद्माकर की नायिकाओं के व्यक्तित्व के सामाजिक पक्ष का तुलनात्मक अध्ययन
दलित महिला कारोबारी का संघर्ष
यौन संबंध को प्यार का रूप देना जरूरी
बिना इजाज़त अन्दर आना मना है
उन्नीसवें भारत रंग महोत्सव में स्त्रियों की भागीदारी
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब