दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन
“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब
सतीश सरदाना का कहानी-संग्रह ‘चोखा दाम’ मनुष्य, बाज़ार और स्मृति
पुरुषों के अस्तित्व पर खतरा (प्रकृति और पुरुष)
उर्फ़ी जावेद का साहित्य कनेक्शन
गिद्ध संस्कृति के विरुद्ध गौरैया की गुहार
दलित स्त्रीवादी इतिहास का उत्सव : पुणे की शैलजा पाइक अमेरिकी मैक आर्थर की ‘जीनियस’ बनीं
इस सरकारी विद्यालय में प्रत्येक सप्ताह बदलते हैं हेडमास्टर
परहिया समुदाय में महिलाओं की स्थिति
भारतीय स्त्रीवाद जाति,वर्ग,नस्ल,रंग और विषमलैंगिकता के साथ जुड़ा है
मीरा का काव्य और स्त्री अस्मिता का प्रश्न
‘प्रगतिशील सिनेमा’ प्रेमचंद का अधूरा सपना