पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन
“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
संसद के वे दिन: जब मैं झांसी से चुनकर आयी
पहली महिला कुली, दलित महिला आंदोलन नेत्री जाईबाई चौधरी
चुनाव आयोग को महिला संगठनों का पत्र: समुचित राजनीतिक प्रतिनिधत्व के लिए हस्तक्षेप की मांग
मेरी माँ मेरा आदर्श..!
रजनी तिलक का स्त्री चिंतन : जाति, जेंडर, पितृसत्ता और यौनिकता के प्रश्न
दलित लेखिका की दावेदारी: अपनी जमीं अपना आसमाँ
उनकी प्रतिबद्धता हाशिये के लोगों के साथ ताउम्र रही
एक विदुषी पतिता की आत्मकथा: दूसरी क़िस्त
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब