लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
तुम्हारी माँ भी छेड़छाड़ की शिकार हुई, बेटों तुम्हें जानना चाहिए औरत की देह पर उसका अपना हक़ होता है
‘यौन हिंसा के सन्दर्भ में लज्जित करने की रणनीति’ (यशपाल के झूठा-सच में)
तनुश्री के खिलाफ राखी सावंत और सबरीमाला-आंदोलन की महिलाओं के खिलाफ भक्तिनें
लहू की अपवित्रता को संवैधानिक झटका: सबरीमाला मंदिर में महिलाएं कर सकती हैं प्रवेश
बीएचयू में लड़कियों की आवाज से क्यों परेशान होते हैं दक्षिणपंथी (?)
शिक्षकों का समूह बंटा कुलपति हंगलू के पक्ष और विपक्ष में: राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी
कुलपति हंगलू भेजे गये छुट्टी पर, होगी जुडीशियल जांच, अश्लील चैट मामला
इस काण्ड में महिला है, साहित्य है, साहित्य का सम्मान है, उत्पीड़न है, स्कैंडल है, पावर है, पावर का दुरूपयोग है और हाँ राजनीति...
सूखा नशा