आजादी के आंदोलन में आम लोगों की हिस्सेदारी रेखांकित करना: नाटक
आवाज़
‘सोनिया और राजीव’ ‘मेलोनी और मोदी’
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद नहीं, लोकतान्त्रिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने की जरूरत है: अनिता भारती
पत्रकारिता के निम्नतम स्तर पर पहुंचा टाइम्स नाउ : महिला पत्रकार और कानूनविद
जहानाबाद (बिहार) में बलात्कारियों को बचाने में लगी पुलिस:सामाजिक कार्यकर्ताओं पर दर्ज किया मुकदमा
स्त्री देह में कैद एक पुरुष हूँ मैं…
पुरुषों की तुलना में स्त्रियों का नैतिक विकास अधिक : अनामिका
आदिवासी युवती की हत्या को आत्महत्या करार देने की पुलिसिया साजिश (सामूहिक बलात्कार की भी आशंका)
बेटियों का नाम अनचाही, फालतू…. (बदलाव के दौर में रूढ़िवादी मानसिकता की शिकार होती बेटियाँ)!
पितृसत्ता का छल और जे.एन.यू. छात्राएं
‘विजय संकेत’ के रूप में स्त्री शरीर
स्त्री भागीदारी पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: उपलब्धियों के साथ नई चुनौतियों पर जोर