नारे, प्रतिरोध और मज़ा-मज़ाक
आधुनिक भारत में महिलाओं की भूमिका : परिवर्तन, उपलब्धियाँ और चुनौतियाँ
बाबू जगदेव प्रसाद की राजनीति: भाषा, प्रतीक और मुद्दे
शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
हिंदी साहित्य से झाँकतीं आदिवासी स्त्रियाँ
मिर्चपुर के दलित आज भी कर रहे एक अदना सा घर का इन्तजार
कल्याणी ठाकुर चरल: बंगाल का दलित स्वर
कभी सूख नहीं पायेंगे रोहित वेमुला की माँ के आंसू
घरेलू कामगार महिलाओं की दीदी: संगीता सुभाषिणी
पुस्तक मेले की 'मानुषी' से गायब गैरद्विज स्त्री
पूर्ण शराबबंदी के लिए प्रतिबद्ध वड़ार समाज की बेटी संगीता पवार
दलित महिला उद्यमिता को संगठित कर रही हैं सागरिका
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम