रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
सूखा नशा
दलित पत्रकारिता का जूनून: कठिन डगर की राह पर डॉली कुमार
बाहर और घर, दोनो मोर्चों पर जिसने स्त्रीवादी संघर्ष किया
निडरता की ओर छोटी-सी यात्रा
युग नायिका सावित्री बाई फुले
बहुजन आंदोलन की समर्पित शख्सियत: मनीषा बांगर
ब्राह्मणवाद,पितृसत्ता और पुनरुत्थानवाद की चुनौतियों से निपटने की जरूरत
दलित महिला कारोबारी का संघर्ष
हिंदी साहित्य से झाँकतीं आदिवासी स्त्रियाँ
नाच एक संवेदनशील उपन्यास