लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
सुधा अरोड़ा की कहानियाँ :स्त्री नारी अस्मिता की संघर्ष-गाथा
कर्मानंद आर्य की कविताएँ
हिन्दी कविता का स्त्रीवादी स्वर: अनामिका
प्रथम आधुनिक कविता ‘स्वप्न‘ में स्त्री चेतना
चंद्रकांत देवताले की याद में उनकी कविताएं : बाई दरद ले ले और अन्य
प्रतिमा की कविताएँ ( कहाँ हो विधाता ! और अन्य)
कविता में स्त्री और स्त्रियों की कविता
स्त्री कविता: स्त्री पक्ष और उसके पार (क़िस्त तीन)
सूखा नशा