ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा
होना चाहती हूं मूक इतिहास की बोली: बापू टावर (पटना) में मुखरित हुआ स्त्री स्वर
हंस ब्राह्मणवाद के यम ही नहीं,डाइवर्सिटी आंदोलन के स्तम्भ भी रहे!
“धरती भर आकाश” में स्त्री शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतिरोध
स्त्रीकाल द्विमासिक ई जर्नल (शोध), अंक 25 (अगस्त-सितंबर, 2017)
पढ़ें जगरनॉट एप पर हिन्दी की बेहतरीन किताबें
ऑब्जेक्ट से सब्जेक्ट बनने की जद्दोजहद
प्रत्यक्ष प्रमाण से आगे और सूक्ष्म संवेदना की कविताएं : अभी मैंने देखा
ये किताबें शर्तिया नुस्खा हैं लड़कों/ मर्दों के बदलने के
विष्णु जी, ब्राहमणवाद से हमारी लड़ाई जारी रहेगी !
स्त्री मुक्ति के प्रश्न
और शहर का किताब हो जाना इश्क़ में…
स्त्री सुन्दरता के नये पैमाने : आत्ममुग्धता से आत्मकुंठा तक