फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
ऑब्जेक्ट से सब्जेक्ट बनने की जद्दोजहद
प्रत्यक्ष प्रमाण से आगे और सूक्ष्म संवेदना की कविताएं : अभी मैंने देखा
ये किताबें शर्तिया नुस्खा हैं लड़कों/ मर्दों के बदलने के
स्त्री मुक्ति के प्रश्न
और शहर का किताब हो जाना इश्क़ में…
आपहुदरी का लोकार्पण
‘दलित साहित्य : एक अन्तर्यात्रा’
अथ (साहित्य: पाठ और प्रसंग)
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन