लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
एक सांस्कृतिक आंदोलन के चार साल
असहिष्णुता/ क्रूरता के खिलाफ एक आयोजन
राजनीति की स्त्रीविरोधी वर्णमाला
सुनपेड़ हत्या कांड : तथ्य और प्रतिबद्धता
हमारी पार्टी गरीबों की पार्टी है : दीपंकर भट्टाचार्य
औरत , विज्ञापन और बाजार
अपने ही पराभव का जश्न मनाती है स्त्रियाँ ! ( दुर्गा पूजा का पुनर्पाठ )
सूखा नशा