लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
जाति-वर्ग और लिंग के दायरे में चल रहे संघर्षों के साथ जुड़ें : कविता कृष्णन
क्रांति के अग्रदूत का जाना: लाल सलाम कामरेड
तीन तलाक, समान नागरिक संहिता और मोदी सरकार: पहली किस्त
सौ के नोट दिखाते लंपट और परेशान महिलायें
समानता के लिए जरूरी है महिला आरक्षण: सीताराम येचुरी
पहली महिला राष्ट्रपति नहीं सेक्सिस्ट राष्ट्रपति: अमेरिकी जनादेश
मीडिया से मजदूर गायब, सेक्सी माडल्स बिल्डिंग बना रहे हैं !
मेरे अल्लाह मेरी दुआ सुनना : अरावली हिल्स पर पथराई आँखों की पुकार
सूखा नशा