रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
सूखा नशा
जीएसटी इम्पैक्ट: क्या महिलायें भेजेंगी वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री को सैनिटरी पैड (!)
वायरल वीडियो और हिंसक-अश्लील ऐशट्रे के बहाने
औरत के मुंह में पेशाब करने और उसकी वजाइना में सिगरेट बुझाने में कौन सा आनंद मिलता है?
अभी तक रॉड, तेज़ाब, मोमबत्ती और अब औरत के गुप्तांग में सिगरेट भी: सोशल मीडिया में आक्रोश
जजिया कर से भी ज्यादा बड़ी तानाशाही है लहू पर लगान
मीडिया से मजदूर गायब, सेक्सी माडल्स बिल्डिंग बना रहे हैं !
इक्कीसवीं सदी का कचरा यानी टिक टिक करता टाइम बम
ग्रामीण महिलाओं के श्रम का राजनीतिक अर्थशास्त्र
नाच एक संवेदनशील उपन्यास