ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा
होना चाहती हूं मूक इतिहास की बोली: बापू टावर (पटना) में मुखरित हुआ स्त्री स्वर
हंस ब्राह्मणवाद के यम ही नहीं,डाइवर्सिटी आंदोलन के स्तम्भ भी रहे!
“धरती भर आकाश” में स्त्री शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतिरोध
स्त्रीवादी क़ानूनविद ( वकील साहब ) का ट्रायल
नाबालिग पत्नी से, बलात्कार का कानूनी अधिकार (हथियार): अरविंद जैन
वेश्यावृत्ति को कानूनी बनाना समस्या का समाधान नहीं : महिला संगठन
शादी का झूठा आश्वासन यौन शोषण
महिला मताधिकार पर बहस : सन्दर्भ बिहार विधान परिषद ( १९२१ , १९२५, १९२९ )
धारा 304 IPC के बहाने एक चर्चा : एक विचार यह भी
यौन शोषण के आरोपों से घिरी न्यायपालिका
सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ आगे आये महिला संगठन
स्त्री सुन्दरता के नये पैमाने : आत्ममुग्धता से आत्मकुंठा तक