आजादी के आंदोलन में आम लोगों की हिस्सेदारी रेखांकित करना: नाटक
आवाज़
‘सोनिया और राजीव’ ‘मेलोनी और मोदी’
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद नहीं, लोकतान्त्रिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने की जरूरत है: अनिता भारती
होली का स्त्रीवादी पाठ
नंदलाला के लिए होली और गोपियों के लिए गाली : होली के बहाने स्त्रियों की यौनिकता पर प्रहार
मैं हिजड़ा… मैं लक्ष्मी
वीरांगना होलिका मूल निवासी थी , क्यों मनायें हम उनकी ह्त्या का जश्न
होली पर पिंजडा खोलो ऋचा : अनुपम सिंह की चिट्ठी
विज्ञान के क्षेत्र में लडकियां क्यों कम हैं ?
स्त्री मुक्ति का यथार्थ
अनफेयर एंड लवली : गोरेपन की सनक का जवाब
स्त्री भागीदारी पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: उपलब्धियों के साथ नई चुनौतियों पर जोर