आजादी के आंदोलन में आम लोगों की हिस्सेदारी रेखांकित करना: नाटक
आवाज़
‘सोनिया और राजीव’ ‘मेलोनी और मोदी’
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद नहीं, लोकतान्त्रिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने की जरूरत है: अनिता भारती
प्रधानमंत्री जी, राखी को लफ्फाजी न बनायें: बहनों को बलात्कारी भाजपाइयों से बचायें
कौन काट रहा उनकी चोटियाँ: एक तथ्यपरक पड़ताल
पंडिता रमाबाई की स्मृति में शुरू होगी व्याख्यानमाला
सेक्सिस्ट बयानों और ट्रोलिंग के खिलाफ आगे आये लेखक: जारी किया वक्तव्य
सुनो पुरुष: असुंदर और वेश्यायें भी लेखिका हो सकती हैं, कवि, आलोचक और निर्णायक भी
स्त्री कविता: स्त्री पक्ष और उसके पार (क़िस्त दो)
स्त्री-कविता: स्त्री पक्ष और उसके पार
वासना नाजायज नहीं होती: लिपिस्टिक अंडर बुर्का बनाम बुर्के का सच
स्त्री भागीदारी पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: उपलब्धियों के साथ नई चुनौतियों पर जोर