गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
पहली ट्रांसजेंडर स्टूडेंट (पंजाब विश्वविद्यालय) के संघर्ष की कहानी
लेनिन: कम्युनिस्ट नेतृत्व महिलाओं के आन्दोलन के सवाल पर निराशावादी, रुको और देखो वाला रुख अपना लेता है
इजाडोरा डंकन: नृत्य की महान साम्राज्ञी और स्त्री-स्वतंत्रता की प्रवक्ता!
मुश्किल डगर को आसान बनाया दलित महिला उद्यमी कृष्णा कुमारी ने
आदिवासी युवती की हत्या को आत्महत्या करार देने की पुलिसिया साजिश (सामूहिक बलात्कार की भी आशंका)
अध्यादेश: बचपन से बलात्कार की सज़ा उम्र कैद या फाँसी!
बलात्कार और हत्या का न्यायशास्त्र-समाजशास्त्र !
बेटियों का नाम अनचाही, फालतू…. (बदलाव के दौर में रूढ़िवादी मानसिकता की शिकार होती बेटियाँ)!
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय