गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
‘डार्क रूम में बंद आदमी’ की निगाह में औरत : पहली क़िस्त
मजदूर-वर्ग के दृष्टिकोण से स्त्री-मुक्ति : १५-१६ नवम्बर,२०१४, गाँधी- आश्रम , सेवाग्राम, में दो दिन का कार्यशाला
धर्म की खोखली बुनियादों में दबी स्त्री
महज मुद्दा
बिहार के भागलपुर में बलात्कार की कोशिश : जेंडर और जाति के समुच्चय का घिनौना चेहरा
शिक्षा में जातिगत और लिंगगत असमानता
महिलाएँ-जाति, वर्ग या एक उत्पीड़ित लिंग
रक्त शुद्धता, स्त्री दासता और लव जेहाद
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय