गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
दलित स्त्रियाँ खुद लिखेंगी अपना इतिहास
स्वयं में असाधारण स्त्री : माया एंजलो
जेंडर और जाति के कुंडलों को तोडता लेखन और सत्ता की कुर्सी
बहुत खूब कंगना राणावत, सलमान खान कुछ सीखो
पुंसवादी आलोचना के खतरे और महादेवी वर्मा
हिन्दी पाठ्यपुस्तकों में स्त्री छवि
अरूणा शानबाग – आखिर कब तक???
अरुणा , मथुरा , माया , प्रियंका , निर्भया , इमराना : क्या आप इन्हें जानते हैं !
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय