वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
आस्था का सम्मान
पोवाडा : वीर रस की मराठी कविता ( दलित परंपरा )
‘‘अनाघ्रातम पुष्पम, असूर्यंपश्या से रमणेषु रम्भा तक’’
‘अर्थ स्वातंत्र्य ’ स्त्री मुक्ति की पूर्व शर्त
वैचारिक और घरेलू पत्रिकाओं में स्त्री मानसिकता का निर्माण
इतिहास के आईने में महिला आंदोलन
हिंदी भाषा में स्त्री-विमर्श
निराला की कविता में स्त्री मुक्ति का स्वर
रीतिकाल में स्त्रीं-यौनिकता का सवाल उर्फ देह अपनी बाकी उनका
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’