वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
आस्था का सम्मान
बिहार और जातिवाद का इतिहास ‘दिनकर’ की कलम से:
1990 के बाद का हिंदी समाज और अद्विज हिंदी लेखन
हिन्दी साहित्य में अस्मितामूलक विमर्श विशेष संदर्भःस्त्री अस्मिता
देश के मर्दों एक होओ
जाति पर डाका : हिंदी साहित्य में जातिविमर्श
पेंटिंग में माँ को खोजते फ़िदा हुसेन
यौन हिंसा और न्याय की मर्दवादी भाषा:- आख़िरी क़िस्त
उपभोक्तावादी आधुनिकता की आजादी के बीच स्त्री
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’