वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
आस्था का सम्मान
तुम आए हो ना शब -ए-इंतज़ार गुज़री है …….
झाड़ू
इस दुनिया से परे आख़िर है क्या
नगाड़े की तरह बजते है शब्द
स्त्री एवं भाषा : तीसरी परम्परा की खोज एवं वैकल्पिक भाषावैज्ञानिक अध्ययन
कविता विकास की कवितायेँ
विमर्श नहीं, विचारधारा : अस्मितावाद की जगह आंबेडकर-चिंतन
शैफ़ाली फ्रॉस्ट की कवितायें
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’