वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
आस्था का सम्मान
अरुण चंद्र राय की कवितायें
सुजाता तेवतिया की कवितायें : अगर नहीं होती गुफा मैं और
मनुस्मृति दहन के आधार : डा आम्बेडकर
रवींद्र के दास की कवितायें : माँ ! पापा भी मर्द ही हैं न !
इला कुमार की कवितायें
मारे गये बच्चों की याद में हेम्ंत जोशी , राजेश जोशी और उदय प्रकाश की कवितायें पढ़ें
वसीम अकरम की कवितायें : आलू प्याज की बोरियां हैं लडकियां
लेकिन सुबह तो हो
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’