शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम
फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
अमानवीय और क्रूर प्रथायें स्त्री को अशक्त और गुलाम बनाने की कवायद हैं
वह हमेशा रहस्यमयी आख्यायित की गयी
जो वैध व कानूनी है वह पुरुष का ……..
उज्जवल भट्टाचार्य की कवितायें : ब्रह्मज्ञान व अन्य
सच्चे अर्थों मे जनकवि थे नामदेव ढसाल
किले में समंदर : आखिरी किस्त
किले में समंदर : पहली क़िस्त
सावित्री बाई फुले की कवितायें
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल