वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
आस्था का सम्मान
देह का स्त्रीवादी पाठ और मित्रो मरजानी
क्रान्ति
नील नीले रंग के
क्योंकि वह स्त्री थी
खोल दो ..
दिलों में मुहब्बत नहीं तो कायनात में यह कैसी बहार?
अरमान आनंद की कवितायें
ये किताबें शर्तिया नुस्खा हैं लड़कों/ मर्दों के बदलने के
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’