वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
आस्था का सम्मान
‘निजी’ आधार पर डा. आंबेडकर की ‘राजनीतिक छवि’ का स्त्रीवादी (?) नकार : दूसरी क़िस्त
प्रेम का मर्सिया
लोहिया का स्त्री विमर्श
सुशीला टाकभौरे की कविताओं में दलित और स्त्री प्रश्न
डा. भीमराव आंबेडकर के स्त्रीवादी सरोकारों की ओर: पहली क़िस्त
शिनाख्त के दायरे
जाति पर डाका : हिंदी साहित्य में जातिविमर्श
हाँ, मैं एक स्त्री हूँ
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’