वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
आस्था का सम्मान
हिन्दी कविता में मुक्तिबोध के पूर्वज थे जयशंकर प्रसाद – प्रो.मैनेजर पाण्डेय
एक थी रमता और अन्य कविताएँ
सरस्वती और अन्य कविताएँ
“आम औरत की दैहिक या मानसिक यातना के लिए दहकते सवाल“
इतिहास से अदृश्य स्त्रियाँ
अंजुमन खाला को गुस्सा क्यों नहीं आता…
कोई अपना और अन्य कविताएँ
घूस-यार्ड
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’