नाच एक संवेदनशील उपन्यास
राहुल गांधी,कांग्रेस की परंपरा और INDIA गठबंधन का असहज भविष्य
भारतीय राजनीति के आधुनिक दधीचि हैं लालू प्रसाद!
ऑब्जेक्टिव प्रश्न से आत्मबोध तक : बाबासाहेब की खोज
मन्दिर प्रवेश के लिए यह कैसा संघर्ष ( !)
केरल हरियाणा नहीं है, एर्नाकुलम दिल्ली नहीं , और जिशा ……
“पुलिस ने धोखे से बनाया वीडियो”
व्यावसायिक जोखिम का लैंगिक विमर्श
पापा बदल रहे हैं : एक हकीकत एक फ़साना
एक ‘अच्छी औरत’, स्मृति ईरानी के पक्ष में ( खुला ख़त , सेवा में जिनसे संबंधित हो)
होली का स्त्रीवादी पाठ
नंदलाला के लिए होली और गोपियों के लिए गाली : होली के बहाने स्त्रियों की यौनिकता पर प्रहार
कवि कभी मरता नहीं, वह अपनी रचनाओं में जीवित रहता है