आधुनिक भारत में महिलाओं की भूमिका : परिवर्तन, उपलब्धियाँ और चुनौतियाँ
बाबू जगदेव प्रसाद की राजनीति: भाषा, प्रतीक और मुद्दे
शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम
नीतीश के राज में महिलाओं का सशक्तिकरण या आंकड़ों का भ्रम?
पटना में साहित्य अकादमी के आयोजन स्थल पर होगा लेखकों का मार्च: अपील जारी
रांची में अगस्त की वो रातें जब लोगों के सिर पर सवार था खून… HEC में बन रहे थे चाकू, खंजर और भाला..
क्या आप नेमरा गए ?
दिशोम गुरु को नेमरा में यूं मिली अंतिम विदाई! नेमरा से लौटकर
हिंदी सिनेमा में बाबा साहेब अम्बेडकर की वैचारिकी
प्रधानमंत्री का ‘अधूरा सच’ व संवैधानिक इतिहास, संवैधानिकता और भारतीय संविधान
क्या हो रहा है महिलाओं का राजनीतिकरण!
फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा