आजादी के आंदोलन में आम लोगों की हिस्सेदारी रेखांकित करना: नाटक
आवाज़
‘सोनिया और राजीव’ ‘मेलोनी और मोदी’
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद नहीं, लोकतान्त्रिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने की जरूरत है: अनिता भारती
अपने ही पराभव का जश्न मनाती है स्त्रियाँ ! ( दुर्गा पूजा का पुनर्पाठ )
त्योहारों के बहुजन सन्दर्भ
धरती ( भूदेवी ) जहाँ होती हैं रजस्वला !
इस दुनिया को जितनी जल्दी हो बदल देना चाहिए
भाजपा सरकार से अपील : फॉरवर्ड प्रेस पर पुलिस कार्यवाई और उसके संपादकों के खिलाफ एफ आई आर की निंदा और अपील
विमर्श नहीं, विचारधारा : अस्मितावाद की जगह आंबेडकर-चिंतन
थेरीगाथा , बौद्ध धर्म और स्त्रियाँ
स्त्री भागीदारी पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: उपलब्धियों के साथ नई चुनौतियों पर जोर